
भारत और पाकिस्तान के बीच जंगी हालात को देखते हुए चंडीगढ़ में कई एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। जहां इसी कड़ी में अब चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में पटाखों के इस्तेमाल पर 7 जुलाई 2025 तक पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यानि शहर में किसी भी तरह के पटाखे नहीं फोड़े जा सकेंगे। यह प्रतिबंध शादी, धार्मिक आयोजनों या अन्य किसी भी तरह के सेलिब्रेशन पर लागू होगा।
DC ने कहा- लोग पैनिक हो सकते हैं
चंडीगढ़ डीसी निशांत कुमार यादव ने कहा कि, शादियों या अन्य समारोहों में जश्न मनाते हुए बड़े पैमाने पर पटाखे फोड़े जा रहे हैं। लेकिन मौजूद हालातों में पटाखों के शोर से लोगों में दहशत पैदा हो सकती है, जहां लोग वास्तविक बम, ड्रोन और मिसाइल अटैक के भ्रम में आ सकते हैं और पैनिक हो सकते हैं। जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ सकती है। इसलिए वर्तमान स्थिति को देखते हुए शादी या किसी भी सेलिब्रेशन में आतिशबाज़ी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
चंडीगढ़ में धमाके कर सकते आतंकी
चंडीगढ़ डीसी निशांत कुमार यादव ने कहा कि, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच पनपे टकराव के मौजूदा हालातों में चंडीगढ़ में आसामाजिक और आतंकी संगठनों द्वारा विस्फोटक पदार्थों का उपयोग कर धमाकों का खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस द्वारा लगातार शहर में आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
अमृतसर और जैसलमेर में भी पटाखे फोड़ने पर बैन
चंडीगढ़ से पहले अमृतसर में भी पटाखे फोड़ने पर बैन लगाया जा चुका है। अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर ने पूरे जिले में आतिशबाज़ी-पटाखों के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध विशेष रूप से शादी के अवसरों, धार्मिक आयोजनों और अन्य सार्वजनिक समारोहों पर लागू है। इसी प्रकार राजस्थान के जैसलमेर जिले में पटाखों की दुकानें बंद रहेंगी। इस दौरान पटाखे फोड़ने, बेचने और खरीदने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।




