
हमारी पहचान है हिंदी,
दिलों की जान है हिंदी
मिटा देगी अंधकार को,
ज्ञान की दुकान है हिंदी।
संस्कारों की सुगंध है इसमें,
मातृभूमि का मान है हिंदी।
आओ मिलकर करें प्रण हम सब,
विश्व में महान है ।
इन्हीं पंक्तियों के साथ सेपियंस विद्यालय विकास नगर में हिन्दी दिवस समारोह बङे ही धूमधाम से मनाया गया।
सर्वप्रथम प्रार्थना सभा में अंशिका एवं अपेक्षा द्वारा प्रार्थना का प्रारंभ किया गया, तत्पश्चात जिज्ञासा ने हिन्दी विषय पर कविता , तनवी पंवार ने विचार प्रस्तुत किए।
जीनत द्वारा हिन्दी पर प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। सुहानी पुंडीर द्वारा हिन्दी विषय पर मनमोहक भाषण प्रस्तुत किया गया।
‘हिन्दी छात्र सम्मान’ से सम्मानित प्रतिभाएँ
कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट अंक अर्जित करने वाले सेपियंस स्कूल, विकासनगर के दो मेधावी छात्राओं *परिक्रमा सैनी तथा आयुषी* को ‘हिन्दी छात्र सम्मान’ प्रदान किया गया।यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम है, जो सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
अपूर्वा राज तथा शगुन को देहरादून स्थित श्री राम सेंटीरियन स्कूल की वाद विवाद प्रतियोगिता में भाग लेने पर प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
विद्यालय परिवार को अपने इन उज्ज्वल सितारों पर गर्व है।
इस अवसर पर विद्यालय प्रधानाचार्य श्री नवीन तनेजा ने हिन्दी को भारत का गौरव बताते हुए इसे भावनात्मक अभिव्यक्ति का सर्वश्रेष्ठ साधन बताया तथा हिन्दी को सांस्कृतिक विरासत भी बताते हुए सभी को हिन्दी दिवस की हार्दिक बधाई दी।
साथ ही द सेपियंस स्कूल हरबर्टपुर में हिंदी दिवस के अवसर पर एक भव्य प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन देवुशिका नेगी और अक्षिता ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ प्रार्थना गीत से हुआ, जिसके बाद शपथ ग्रहण कराया गया। तत्पश्चात् कवयित्री महादेवी वर्मा की भूमिका ईफरा और सुभद्रा कुमारी चौहान की भूमिका ईशानी ने रूप धारण कर कविता का सुंदर पाठ प्रस्तुत किया।
इसके बाद हिंदी पहेलियाँ, हिंदी विचार, आरव द्वारा हास्य रस से भरपूर कविता, सामान्य ज्ञान के प्रश्न तथा आराध्या द्वारा हिंदी विषय पर मनमोहक गीत प्रस्तुत किया गया। सभी छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकगण ने एकत्र होकर राष्ट्रगान का गान कर पूरे आयोजन को गरिमामय बना दिया।
कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट अंक अर्जित करने वाले सेपियंस स्कूल, हरबर्टपुर के दो मेधावी विद्यार्थियों *अक्षिता लखेरा तथा अमृत कुमार* को ‘हिन्दी छात्र सम्मान’ प्रदान किया गया।
प्रार्थना सभा में हिंदी भाषा के महत्व पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य महोदया गीता नेगी तथा निर्देशक महोदया रश्मि गोयल ने हिंदी भाषा को देश की सांस्कृतिक विरासत और पहचान बताते हुए कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और संवेदनाओं का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने सभी छात्रों को हिंदी के सही प्रयोग के साथ-साथ हिंदी साहित्य का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।
यह कार्यक्रम हिंदी भाषा के प्रति प्रेम और सम्मान को बढ़ाने का सुंदर माध्यम बताया।


