
12 मार्च। कहते हैं 16 संस्कारों में परिणय संस्कार का विशेष महत्व है भारतीय समाज में सात जन्मों तक साथ निभाने की परिकल्पना शामिल है यही कारण है कि किसी भी परिवार को परिणय संस्कार संपन्न करने से पहले काफी देखभाल करनी पड़ती है आज भी माता-पिता अपने बेटे अथवा बेटी के लिए वर वधू देखने के लिए अच्छा खासा प्रयास करते हैं और प्रयास करते हैं उनकी बेटी या बेटा कुशलतापूर्वक अपना भावी जीवन जियें ऐसा ही कुछ समाजसेवी एवं पछवा दून विकास समाचार पत्र ब्यूरो नई दिल्ली ने अपनी पुत्री आशिमा कपूर रजत चावला आशिमा कपूर के पिता पछवा दून विकास समाचार पत्र एवं पी वी न्यूज़ चैनल के ब्यूरो चंद्र मोहन कपूर एवं उनकी धर्मपत्नी आरती कपूर समाजसेवी होने के साथ-साथ कारोबारी भी है उनके दामाद रजत चावला वैसे तो हिसार निवासी हैं वहां उनके पिता का अपना कारोबार है रजत जापान में रहकर नौकरी करते हैं वहीं कि उनको नागरिकता भी मिली है आशिमा के भाई मोहित कपूर भी प्राइवेट जॉब कर अपने पिता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं आशिमा एवं रजत चावला ने 20 फरवरी को कोर्ट मैरिज करने के उपरांत परिवार ने 12 मार्च को एक भव्य पार्टी का आयोजन टीडीआई क्लब कुंडली सोनीपत हरियाणा में किया जिसमें सभी पहचान एवं रिश्तेदारों को निमंत्रण देकर आमंत्रित किया गया इस पार्टी में सभी ने वर वधु को आशीर्वाद दिया इस शादी में देहरादून से पहुंचे वरिष्ठ पत्रकार रवि अरोड़ा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई

