
सेलाकुई। औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई के राजा रोड पर मंगलवार को ईंट से लदी एक ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉली को पुलिस ने पकड़ा, लेकिन कुछ ही देर बाद उसे छोड़ दिए जाने से कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, चेकिंग के दौरान सेलाकुई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ईंटों से भरी एक ट्रैक्टर ट्रॉली को रोका, जो निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक लदी हुई थी। स्पष्ट नियम उल्लंघन के बावजूद वाहन को छोड़ दिए जाने की चर्चा से स्थानीय लोगों में नाराज़गी है।
दरअसल, सेलाकुई और सहसपुर के आसपास के क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में ईंट से लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियां रोजाना पहुंचती हैं। जानकारों का कहना है कि इनमें से कई वाहन कमर्शियल श्रेणी में पंजीकृत नहीं होते, लेकिन इनका उपयोग खुलेआम व्यावसायिक ढुलाई में किया जा रहा है।
इतना ही नहीं, अधिकांश ट्रैक्टर ट्रॉलियों में नंबर प्लेट तक नहीं होती। जिनमें नंबर प्लेट लगी भी होती है, उन्हें इस तरह से लगाया जाता है कि नंबर साफ-साफ दिखाई ही न दे। यह स्थिति न केवल नियमों की खुली अवहेलना है, बल्कि किसी हादसे की स्थिति में वाहन की पहचान करना भी मुश्किल बना देती है।पी वी न्यूज़ संपादक ने जब फोन पर ए आरटीओ अनिल जी से इस बारे में जानकारी मांगी तो उनका साफ कहना था कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है लेकिन इस बात को ध्यान में रखते हुए करवाई की जाएगी
ओवरलोडिंग के कारण इन ट्रैक्टर ट्रॉलियों का संतुलन बिगड़ने का खतरा बना रहता है। व्यस्त और संकरी सड़कों पर चलने वाली ये गाड़ियां कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई चालक तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाते हैं, जिससे आम लोगों की जान जोखिम में पड़ती है।
लंबे समय से चल रहे इस अवैध खेल पर पुलिस प्रशासन और संबंधित विभागों की ढिलाई भी सवालों के घेरे में है। मंगलवार की घटना ने यह साफ कर दिया है कि कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि ईंट से लदी ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉलियों के खिलाफ सख्त और नियमित अभियान चलाया जाए, तथा बिना कमर्शियल रजिस्ट्रेशन और बिना स्पष्ट नंबर प्लेट के चल रहे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

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