
एक साधारण पुलिस कांस्टेबल से सीधे PCS अधिकारी बनना आसान नहीं। इसके पीछे दिन-रात की मेहनत और मजबूत हौंसले की जरूरत होती है। और यही आशीष शुक्ला ने कर दिखाया। कानपुर कमिश्नरेट पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात और अमेठी के शुक्ल बाजार के रहने वाले आशीष शुक्ला ने कड़ी ड्यूटी, पारिवारिक जिम्मेदारियों और सीमित समय के बीच अपनी तैयारी जारी रखी और अपने सपनों को पीछे नहीं छूटने दिया। क्योंकि उनके इरादे मजबूत थे। मजबूत इरादों की वजह से ही आशीष ने अपने हालातों से हार नहीं मानी और तब तक लगे रहे जब तक सफलता नहीं हासिल कर ली।
पिता के निधन के बाद भी कमजोर नहीं पड़े आशीष
दिनभर की व्यस्तता और ड्यूटी के बावजूद जब भी आशीष को मौका मिला तो उन्होंने किताबों पर नजर गढ़ाई और अपनी तैयारी को आगे बढ़ाया। आशीष की इस सफलता के पीछे केवल उनकी मेहनत ही नहीं संघर्ष की कहानी भी है। पिता के निधन के बाद आशीष के कंधों पर पूरे घर की ज़िम्मेदारी थी। ऐसे में परिवार वालों ने भी आशीष का खूब हौंसला बढ़ाया और उन्हें हिम्मत नहीं हारने दी। वहीं आशीष अपनी सफलता का श्रेय अपने अधिकारियों और सहयोगी कर्मियों को भी देते हैं। जिन्होंने उन्हें हौंसला दिया और उनका उत्साह बढ़ाया। आशीष का कहना है कि ड्यूटी के साथ पढ़ाई इतनी आसान नहीं थी लेकिन सबकी मदद से मेहनत रंग लाई।

