



शिवालिक अकादमी में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की साहित्यिक विरासत, मानवीय संवेदनाओं एवं जीवन-मूल्यों को समर्पित “टैगोर के शब्दों का अनमोल ख़ज़ाना” विषय पर एक भव्य अंतर-सदन साहित्यिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कक्षा III से V तक के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, आत्मविश्वास एवं उत्कृष्ट अभिव्यक्ति कौशल के साथ अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के अंतर्गत कक्षा III के विद्यार्थियों ने गुरुदेव टैगोर की कविताओं का भावपूर्ण एवं प्रभावशाली कविता-पाठ प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कक्षा IV के विद्यार्थियों ने उनकी प्रेरणादायक कहानियों का सजीव एवं आकर्षक कहानी-वाचन किया, जबकि कक्षा V के विद्यार्थियों ने भाषण प्रतियोगिता में टैगोर के साहित्य में निहित नैतिक मूल्यों, मानवता, प्रकृति-प्रेम एवं आदर्श जीवन-दर्शन पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती रजनी त्यागी जी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर का साहित्य केवल ज्ञान का स्रोत ही नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली अमूल्य धरोहर भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को गुरुदेव के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने, साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने तथा आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन विद्यालय की अंग्रेज़ी शिक्षिकाओं श्रीमती मृणाल एवं श्रीमती स्वाति द्वारा निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया गया। प्रतिभागियों का आकलन उनके उच्चारण, प्रस्तुतीकरण, भाव-भंगिमा, आत्मविश्वास तथा अभिव्यक्ति कौशल के आधार पर किया गया।
प्रतियोगिता के समापन पर बच्चों का उत्साहवर्धन करने एवं उनकी प्रतिभा का सम्मान करने के उद्देश्य से सभी विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस सम्मान ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा एवं आत्मविश्वास का संचार किया तथा उन्हें भविष्य में भी विभिन्न साहित्यिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

