


एक दिन के CM बनने की फ़िल्मी कहानी तो आपके बीच कई बार चर्चा में रही होगी लेकिन किसी विधायक के एक दिन के भिखारी बनने की वास्तविक कहानी आज आप यहां जानेंगे. दरअसल यह अजीबोगरीब मामला महाराष्ट्र का है. जहां महाराष्ट्र में सबसे अमीर विधायक माने जाने वाले पराग शाह ने एक दिन के लिए गरीबी का ऐसा जीवन जीया की सड़क पर उतरकर सार्वजनिक रूप से भिखारी बनकर भीख भी मांगी. पराग शाह का ऐसा करना काफी ज्यादा चर्चा में बना हुआ है.
पराग शाह ने भीक्षा मांगकर भोजन किया
बताया जाता है कि पराग शाह महाराष्ट्र की घाटकोपर ईस्ट विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं और 3400 करोड़ से ज्यादा के मालिक हैं. उन्होंने एक दिन के लिए भिखारी का जीवन जीकर भीख भी मांगी. भीक्षा मांगकर भोजन किया और खुद यह अनुभव किया कि एक भिखारी का जीवन कैसा होता है. पराग शाह ने यही अनुभव लेने के लिए भिखारी का वेश धारण किया और सार्वजानिक तौर से लोगों के बीच निकल पड़े. वह एक सामान्य भिखारी की तरह भीख मांगने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर गए, भीख मांगी. लेकिन वेश बदलने के कारण कई लोग उन्हें पहचान नहीं सके.
जैन मुनि की सलाह पर जीया भिखारी का जीवन
मिली जानकारी के मुताबिक, मौजूदा समय में चल रहे जैन धर्म के चातुर्मास के दौरान पराग शाह के गुरु नम्रमुनि जी महाराज ने उन्हें एक दिन भिखारी का जीवन जीने और उसकी परिस्थितियों को करीब से समझने और उस अनुभव को लेने की सलाह दी थी. गुरु की सलाह को मानते हुए पराग शाह ने एक भिखारी बनने और व्यक्तिगत और सामाजिक तौर से उस स्थिति को समझने के लिए अपनी नियमित सुरक्षा, अमीर रहन-सहन और अन्य संसाधनों से खुद को एक दिन के लिए अलग किया मेकअप के जरिए भिखारी का रूप धारण किया.
भिखारी का वेश धारण करने के बाद पराग शाह ने अलग-अलग स्थानों पर जाकर लोगों से भीख मांगी. इस दौरन किसी ने उन्हें भीख दी और किसी ने नहीं भी. पराग शाह भिक्षा मांगकर भोजन करने का भी अनुभव लिया. बताया जाता है कि भिखारी का जीवन जीन और उसकी स्थिति को समझाने तथा लोगों से मिलने अनुभव के बाद पराग शाह ने अपने वास्तविक परिचय के साथ कुछ स्थानों पर दोबारा जाकर लोगों से बातचीत की और अपने अनुभव को साझा किया. माना जा रहा है कि पराग शाह ने समाज के एक वर्ग के जीवन और उसकी मुश्किल परिस्थितियों को समझने की कोशिश की. फिलहाल पराग शाह का भिखारी बनना चर्चा का विषय बना हुआ है.

