
भारत सहित विश्व के अनेकों बड़े देशों में लोकतांत्रिक प्रणाली शासन व्यवस्था का अंग है परंतु प्रजातांत्रिक लोकतांत्रिक प्रणाली के प्रमुख सूत्रधार भगवान विष्णु के आठवें अवतार परशुराम थे भगवान परशुराम के हाथों राजा सहसार्जुन मरा गया था और 21 राजाओं को भगवान परशुराम ने युद्ध में परास्त हो गए थे तब एकमात्र विजय बच्चे भगवान परशुराम ने समय प्रकट बनना स्वीकार नहीं किया और उन्होंने लोकतांत्रिक प्रणाली की नींव रखते हुए आश्रम वशी ऋषि मुनियों तथा युवा ब्रह्मचारियों बटुकों को एकत्रित कर एक सभा करने के उपरांत परिषद की स्थापना कर महर्षि कश्यप को राजा बनाया था आज सेलाकुई स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर में भगवान परशुराम जी के जन्मदिवस के अवसर पर एक भव्य भंडारे का आयोजन गौंड परिवार एवं समस्त संबंधियों इष्ट मित्रों किया गया जिसमें प्रमुख रूप से हरि किशोर गौड़ पंकज किशोर गौड़ और चैतन्य अनिल गौड़ अनुभव नारायण उदित नारायण हिमांशु गौड़ अंशुल गौड़ अजय नारायण आदि प्रमुख रूप से रहे





