
देहरादून: एसटीएफ की टीम ने म्यूल खाता धारक उपलब्ध कराने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए हरिद्वार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. साइबर अपराधियों के द्वारा संगठित साइबर अपराध को अंजाम देने के लिए आम जनता के खाते खुलवाए जाते थे, जिनका साइबर अपराधियों के साथ मिलकर साइबर धोखाधड़ी में प्रयोग किया जाता था.
बता दें कि एसटीएफ ने साइबर ठगों को म्यूल एकाउंट उपलब्ध कराने वाले गिरोह और पैनल का भड़ाफोड किया है. इन अपराधियों ने जनता को लालच और गुमराह कर उनके खाते खुलवाए जाते थे,जिन्हे साइबर क्राईम जैसे संगठित अपराधियों के साथ साझा कर, धोखाधड़ी के लिए प्रयुक्त किए जाने का आरोप है. इनके द्वारा खुलवाए गए खातों में अलग-अलग राज्यों के पीड़ितों की लाखों रुपये की धनराशि का लेन देन हुआ है. जिनसे इनके द्वारा अच्छा खासा मुनाफा कमाया गया. जिस सम्बन्ध में साइबर पुलिस ने पूरे मामले की जांच की, जिसके बाद एसटीएफ की टीम ने हरिद्वार से रवि,राजन चौधरी और विनित राणा को गिरफ्तार किया.
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया है कि आरोपियों ने व्यक्तियों को झांसे में लेकर उनके नाम से फेक फर्म तैयार कर, उसके समस्त दस्तावेज तैयार किए जाते थे, जिसके आधार पर बैक में फर्म के नाम पर कॉर्पोरेट/करंट एकाउंट खोला जाता था. जिसे अन्य माध्यमों से दिल्ली में बेचा जाता था. जिसके बाद इन खातों में साइबर अपराधियों के द्वारा साइबर अपराध से प्राप्त धोखाधड़ी के पैसों का लेन देन किया जाता था. जिसका आरोपी के द्वारा अच्छा खासा कमीशन लिया जाता था.
आरोपियों से प्राप्त पासबुक, खातों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज होना पाया गया. आरोपियों से अलग-अलग पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड आदि बरामद किया गया और हरिद्वार से देहरादून लाकर पूछताछ गई. साथ ही आरोपियों के साथियों के बारे में गहन पूछताछ जारी है और आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है. बता दें कि उत्तराखंड में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, साइबर ठगों के झांसे में आकर लोग अपनी जिंदगी भर की गाड़ी कमाई गंवा रहे हैं. जिसके बाद पुलिस जागरूकता के साथ ही साइबर अपराधियों पर नकेल कस रही है.

