
हरियाणा सरकार में फेरबदल और मंत्री पद से हटने के बाद से दिग्गज नेता अनिल विज अपना दर्द बातों-बातों में लगातार बयां कर रहे हैं। आज अंबाला में बीजेपी की विजय संकल्प रैली को संबोधित करते हुए विज का दर्द एक बार फिर छलक पड़ा। पूर्व गृह मंत्री अनिल विज ने रैली में लोगों के सामने आखिर कह ही दिया कि उन्हें पार्टी में किनारे लगा दिया गया है। हालांकि, विज ने कहा कि, हम किनारे होकर भी पार्टी के लिए ज्यादा काम करेंगे।
मुझे मेरी ही पार्टी में बेगाना बना दिया…
दरअसल, अनिल विज ने कहा- माना कि कुछ लोगों ने मुझे मेरी ही पार्टी में बेगाना बना दिया है, लेकिन कई बार बेगाने अपनों से भी ज्यादा काम करते हैं। हम यह करके दिखाएंगे। इस दौरान अनिल विज ने लोगों से अपने किए कामों को लेकर हां-ना की हामी भरवाई। विज ने लोगों से कहा कि, वह हाथ खड़े करके बताएं कि मैंने धूप-बरसात की परवाह किए बिना अंबाला छावनी के लिए काम किया है या नहीं।
अनिल विज ने कहा यदि लोग मानते हैं कि मैंने अंबाला छावनी के लिए कुछ काम किया है तो अब काम करने की बारी उनकी है। लोग टोलियां बनाएं और घर-घर जाएं। वह अन्य लोगों को बताएं कि मैंने, मनोहर लाल ने और पीएम नरेंद्र मोदी ने क्या काम किए हैं। वह लोगों को बताएं कि 60 सालों में क्या कांग्रेस ने क्या किया था और हमने अपने 10 सालों के शासन में क्या किया है। लोगों को अंबाला छावनी से बीजेपी को रेकॉर्ड जीत दिलानी है।
अनिल विज का वीडियो (एएनआई के हवाले से)
मालूम रहे कि, अनिल विज ने हाल ही में रामविलास शर्मा और ओमप्रकाश धनखड़ से मुलाकात की थी। इसके बाद विज ने मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा था, ‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे।’ इसके भी तमाम मायने निकाले जा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि रामविलास शर्मा, धनखड़ और अनिल विज तीनों ही इन दिनों पार्टी की मुख्यधारा की राजनीति से बाहर हैं।
विज की नाराजगी दूर नहीं हो रही!
बेशक अनिल विज पार्टी को पूरा सपोर्ट कर रहे हैं लेकिन उनकी अंदरूनी नाराजगी कम नहीं हो रही है। अक्सर वह अपनी बातों में अपनी नाराजगी को बयां कर देते हैं। हालांकि, विज किसी नाराजगी से साफ इंकार करते आ रहे हैं। आपको मालूम रहे कि, पार्टी हाईकमान ने 12 मार्च को हरियाणा सरकार में अचानक बदलाव किया था। पार्टी ने अचानक बदलाव करते हुए नायब सिंह सैनी को राज्य का सीएम बना दिया था। वहीं मनोहर लाल खट्टर की जगह सैनी को कमान मिली तो अनिल विज नाराज नजर आए थे। विज विधायक दल की मीटिंग छोड़ गए थे और यहां तक कि शपथ ग्रहण समारोह में भी नहीं पहुंचे थे।





