
एक ऐसा शख्स जो इंसान से हैवान बन गया और हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। ये शख्स ऐसा ‘नरभक्षी’ बना कि लोगों की हत्या कर उनकी खोपड़ी का सूप पीने का शौक रखता और शव के टुकड़े-टुकड़े कर मांस खा जाता। इस ‘नरभक्षी’ का नाम राजा कोलंदर है। जिसे लखनऊ की कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। नरपिशाच राजा कोलंदर पर 14 से ज्यादा लोगों की हत्या का आरोप है। उसे और उसके एक साले वक्षराज को 25 साल पहले हुए डबल मर्डर में शुक्रवार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
सजा के बाद न चेहरे पर शिकन, न पछतावा
कोर्ट ने जब राजा कोलंदर और उसके साले के लिए सजा और ढाई-ढाई लाख रुपए जुर्माने का ऐलान किया तो दोनों पर आजीवन कारावास का भी कोई खौफ नहीं दिखाई दिया। दोनों के चेहरे पर न तो तनिक शिकन थी और न ही पछतावा। बताया जाता है कि, दोनों ने सफाई में एक शब्द भी नहीं कहा। मतलब सजा सुनाए जाने के दौरान और इसके बाद भी दोनों एकदम सामान्य दिखे। कोर्ट से निकलते हुए दोनों हंसते हुए देखे गए।
बताया जाता है कि, इस मामले में कोलंदर और वक्षराज को 4 दिन पहले 19 मई को कोर्ट ने दोषी करार दिया था। वहीं राजा कोलंदर और वक्षराज को इससे पहले से भी प्रयागराज में एक पत्रकार की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। 2012 में इलाहाबाद कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। यानी, कोलंदर और वक्षराज को दूसरी बार अब उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, राजा कोलंदर प्रयागराज नैनी के शंकरगढ़ स्थित हिनौता गांव का रहने वाला है। राजा कोलंदर पर आरोप है कि वह 14 से ज्यादा हत्या कर चुका है। वह हत्या के बाद शव के टुकड़े-टुकड़े कर देता था। मांस खा जाता था, जबकि खोपड़ी से भेजा निकाल कर उसे उबाल कर सूप बनाकर पीता था। मतलब राजा कोलंदर एक सीरियल किलर था। उसका एक नाम राम निरंजन भी है।



