
शिवालिक एकेडमी देहरादून ने अपना वार्षिक समारोह “जागृति 2024” धूम धाम से मनाया जिसमें छात्रों ने अकादमिक और कौशल उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत वार्षिक दिवस समारोह में रंगीन और भावनात्मक कार्यक्रम शामिल किया गया जिसका विषय “नवरस” रखा गया। मानव जीवन की नौ भावनाएँ जैसे खुशी, आनंद, दुःख, प्रेम, दर्द, परमानंद, आश्चर्य, करुणा आदि को नृत्य और नाटकों के माध्यम से दर्शाया गया। इस विषय का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत के प्राचीन साहित्य और नाट्यशास्त्र में वर्णित नौ रसों (श्रृंगार, हास्य, करुण, रौद्र, वीर, भय, वीभत्स, अद्भुत और शांत) का अनुभव करवाना और उनकी रचनात्मकता को निखारना था।
सर्वप्रथम कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जनरल देवेश अग्निहोत्री जी, विशिष्ट अतिथि श्री कैलाश मेलाना जी (एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर क्रिस फार्मा लिमिटेड) विद्यालय के प्रबंधक श्री सोम दत्त त्यागी, निदेशक श्री शिवम त्यागी, प्रधानाचार्य श्रीमती रजनी त्यागी जी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सर्वप्रथम प्री प्राइमरी के नन्हे मुन्नों द्वारा गणेश वंदना से की गई , तत्पश्चात मनमोहक स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया जिसने सभी उपस्थित जनों का मन मोह लिया।
नन्हे मुन्नों के कार्यक्रम के पश्चात मुख्य विद्यालय की प्रधानाचार्य ने स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें उन्होंने शैक्षिक और सह-शैक्षिक क्षेत्रों में स्कूल की उपलब्धियों को उजागर किया।
विद्यालय में शैक्षिक व अन्य गतिविधियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अतिथि व विशिष्ट अतिथि जी ट्रॉफी व सर्टिफिकेट प्रदान किए गए जिसमे बेस्ट परफॉर्मेंस 2024 हेतु निखिल नेगी, लक्ष्य शुक्ला, अदिति झा, नितिका वर्मा, सूरज कुमार को ट्रॉफी व सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।
राइजिंग स्टार हेतु पार्थ खंडका,सुयश कठैत, अनुभव श्रीवास्तव, खुशबू चौहानतथा कक्षा दसवीं व बारहवी में सर्वश्रेष्ठ अंक लाने हेतु कृष्ण नैनवाल, निखिल गुप्ता व रिमझिम यादव को के जी एस मेमोरियल स्कॉलरशिप 2024-25 से नवाजा गया।
कृष्णा नैनवाल को सहोदय सोसाइटी मेंबर द्वारा ……….
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए शुरुआत हुई मानव विकास की प्रक्रिया की जिसमे वानर प्रजाति, आधुनिक और विलुप्त मानवों और उनके सभी तात्कालिक पूर्वजों व जनजातीय समूहों को नृत्य नाटिका के माध्यम से दिखाया गया जिसमे विद्यालय द्वारा बनाया गया नृत्य करता हुआ डायनोसोर आकर्षण का केंद्र रहा इसमें दिखाया गया मनुष्य किस प्रकार धीरे धीरे विकसित होता हुआ आगे बढ़ता रहा
इसके पश्चात भरतमुनि जी द्वारा रचित नवरसो को नृत्य नाटिका के माध्यम से दिखाया गया जिसमे सर्वप्रथम अद्भुत रस को दिखाया गया जहा माता-पिता और बच्चे के बीच एक गहरा और पवित्र भावनात्मक बंधन, बच्चे की प्रतिभा और क्षमता, उपलब्धियों से आश्चर्यचकित होनादर्शाया गया तथा बताया गया किस प्रकार बच्चो द्वारा किया गया प्रत्येक कार्य माता पिता के लिए अद्भुत होता है। इसके पश्चात बारी आई सभी को हंसाने यानी हास्य रस की जिसमे छोटे छोटे बच्चो द्वारा जोंबी व ममी का जोरदार किरदार निभाया गया तथा हंसते हंसाते सभी को अपने आस पास स्वच्छता बनाए रखने का भी संदेश दिया। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए करुण रस के अंतर्गत समाज में फैल रही बाल मजदूरी की ओर संकेत किया जिसकी वजह से आज भी कई छोटे छोटे बच्चे विद्यालय जाने व खेलने कूदने से वंचित है को बहुत सुंदर नृत्य नाटिका के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
समाज में कन्या भ्रूण हत्या, लड़कियों, महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को तथा किस प्रकार नारी शक्ति एक अबला नारी से दुर्गा का रूप धारण कर अपने तिरस्कार का बदला ले सकती है ये सब वीभत्स, रौद्र, शांत रस के माध्यम से नृत्य नाटिका के माध्यम से दिखाया गया जिसमें किरण व अक्षत के जोरदार अभिनय की सभी ने जोरदार प्रशंसा की।
अंत में नवरस के अंतर्गत केदारनाथ थीम के माध्यम से भयानक , वीर रस को दिखाया गया जिसमे सबसे पहले गढ़वाली नृत्य के माध्यम से गढ़वाल की छटा बिखेरी गई तत्पश्चात लड़कियों द्वारा तांडव नृत्य ब पश्चात लडको द्वारा बगड़ बम बम बगड़ बम पर जोश से भरपूर नृत्य प्रस्तुत किया गया जिसने सभी उपस्थित जनों के रोंगटे खड़े कर दिए फिर आगमन हुआ केदारनाथ डोली का जिससे पूरा माहौल ऐसा हो गया मानो सच मे केदारनाथ बाबा के दर्शन करने आ गए हो फिर दिखाया गया उत्तराखंड मेंआई सबसे भयानक केदारनाथ आपदा को। वह दृश्य सचमुच सभी को भावुक करने वाला था जिसमे वीर जवानों, आर्मी, डाक्टर व एन जी ओ द्वारा किए गए कार्य को भी दिखाया तथा संदेश दिया की प्रकृति की रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है, प्रकृति से खिलवाड़ हम सभी को बहुत महंगा पड़ सकता है। नवरस दर्शाने के पश्चात सभी विद्यार्थियों व शिक्षको द्वारा ग्रैंड फिनाले में प्रतिभाग किया गया।
स्कूल के प्रबंधक श्री सोमदत्त त्यागी जी, प्रधानाचार्य ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, अन्य अतिथियों और अभिभावकों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए डांस टीचर श्री शिवम लोधी, ड्रामा टीचर श्री चिराग थापा आर्ट एंड क्राफ्ट टीचर श्रीमती मीनाक्षी वर्मा, इप्शिता बडोनी, श्रेष्ठा थापा व सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के प्रयास की सराहना की। अंत में राष्ट्र गान द्वारा कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक, निदेशक, प्रधानाचार्य, को ऑर्डिनेटर श्रीमती तानिया त्यागी, एक्टिविटी हेड शिवांगी त्यागी व समस्त शिक्षक गण उपस्थित रहे।







