
कहते हैं जब इंसान कुछ करने की ठान ले तो कोई काम असंभव नहीं होता। फरीदाबाद, हरियाणा की रहने वाली श्रीमती जसबीर गोला ,राजीव थुसु , रीना शर्मा,हरविंदर सिंह, अमित गौर और दिल्ली के उत्तम नगर से श्रीमती आरती कपूर और नितिन गर्ग , कोंकना राय ने 6 वर्ष पहले गरीबों की मदद करने की ठानी। शुरुआत में यह सवाल था कि मदद किस तरह से की जाए, क्योंकि अपनी जेब से मदद करते-करते कोई कितनी देर तक मदद कर सकता है। तब इन्होंने मिलकर नौ व्यक्तियों की एक टीम बनाई और “सॉई नाथ सेवामयी परिवार” नामक संस्था की स्थापना की।
इस संस्था के संस्थापक सदस्य, जैसे हरविंदर सिंह, राजीव सतीश हसिया, अमित गौर, रीना शर्मा, कोंकना राय, और नितिन गर्ग, ने मिलकर गरीबों के लिए भोजन वितरण शुरू किया। इस कार्य की शुरुआत गुरुवार के दिन लंगर लगाने से हुई, और धीरे-धीरे इस अभियान ने गति पकड़ी। हर गुरुवार को लंगर लगाने का सिलसिला निरंतर बढ़ता गया, और आज इस संस्था में 100 से अधिक दानी सदस्य जुड़े हुए हैं।
कोरोना महामारी के दौरान जब देशभर में हाहाकार मच गया था और लोग अपने परिवार के शवों तक को लेने से इनकार कर रहे थे, तब सिख समुदाय ने एक फरिश्ते की तरह सामने आकर जरूरतमंदों की मदद करने की ठानी। इस दौरान, सॉई नाथ सेवामयी परिवार ने गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब में 1 लाख रुपये की मदद दी, और अस्थाई अस्पताल की स्थापना में योगदान दिया।
इस संस्था द्वारा नेत्रहीन बच्चों के लिए हर महीने दूध, सब्जी, राशन, और अन्य जरूरत का सामान उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा, अनाथालयों की मदद, सर्दियों में गरीबों को स्वेटर, जुराब और जूते देने का कार्य भी किया जाता है। निर्धन कन्याओं का विवाह करवाने का कार्य भी संस्था द्वारा किया जाता है। इसके साथ ही, विभिन्न त्योहारों जैसे होली, दिवाली आदि पर अनाथ बच्चों के साथ खुशियां मनाई जाती हैं।
आज, जब सॉई नाथ सेवामयी परिवार ने अपना छठा वार्षिक उत्सव मनाया, तो संस्था ने नेत्रहीन बच्चों और मेहनती कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। इस प्रकार की संस्थाएं अगर भारत के हर कोने में हों, तो निश्चित रूप से देश से गरीबी और अभाव को समाप्त किया जा सकता है।
यह संस्था न केवल समाज में एक महत्वपूर्ण योगदान दे रही है, बल्कि दूसरों के लिए प्रेरणा का भी स्रोत बन चुकी है












