
गोर्खाली सुधार सभा ने अपना 87वां स्थापना दिवस गुरुवार को धूमधाम से गढ़ी कैंट स्थित गोर्खाली सुधार सभा भवन में मनाया। इस अवसर पर उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने कार्यक्रम में अतिथि के तौर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई इस अवसर पर एक स्मारिका का विमोचन करते हुए समाज की वीर नारी, वीर सैनिक, मेधावी छात्रों, वरिष्ठ नागरिक और समाजसेवियों को सम्मानित किया। गोर्खा मिलेट्री इंटर कॉलेज में दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले निर्धन छात्रों को साइकिलें प्रदान की गई। गोर्खा संदेश समाज सेवी सम्मान पार्षद नंदनी शर्मा, गोर्खा संदेश साहित्य सम्मान श्याम राना को प्रदान किया गया।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि जल्द ही भारतीय सेना के पराक्रमी योद्धा दल बहादुर थापा की स्मृति मेंद्वार का निर्माण करवाया जाएगा। काबीना मंत्री ने गोर्खाली सुधार सभा में चल रहे भवन के जीर्णोद्धार कार्य के लिए वर्तमान वित्तीय स्वीकृति के साथ ही 60 लाख रुपये की अतिरिक्त स्वीकृति के लिए कार्य करने का आश्वासन दिया।
दून में गुरुवार को गढ़ी कैट स्थित गोर्खाली सुधार सभा भवन में सभा के स्थापना दिवस समारोह में मेधावी छात्रा को सम्मानित करते अध्यक्ष पदम सिंह थापा। हिन्दूस्लम
शाह ने कहा कि समाज का कोई भी उत्सव उसकी पहचान को स्पष्ट करता है। यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रतीक है। क एकता का श उपाध्याय, शुभवंती उपाध्याय ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की। इस दौरान कौसेली सांगितिक ग्रुप, भारूवाला, मोहब्बेवाला, नेहरूप्ग्राम, चंद्रबनी, गढ़ी डाकरा, जाखन शाखा, तमुधीं गुरुंग समाज के कलाकारों ने रंगारंगं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। संचालन सभा की मीडिया प्रभारी प्रभा शाह ने किया। मेधावी छात्रों को सम्मानित करते हुए इंद्रेश उपाध्याय एवं शुभावंती उपाध्याय इस मौके पर गोर्खाली सभा अध्यक्ष पदम सिंह थापा, उपाध्यक्ष पूजा सुब्बा, महामंत्री गोपाल क्षेत्री, पूर्व मसूरी विधायक जोत सिंह गुनसोला, लेज. (सेनि) शक्ति गुरुंग, लेज. (सेनि) राम सिंह प्रधान, ब्रिगेडियर (सेनि) पीएस गुरुंग, जेआर शर्मा मेजर जेके शर्मा lok बहादुर पीबी शर्मा, हेम विक्रम शाही , टीडी भूटिया, ज्योति कोटिया, नंदनी शर्मा, प्रभा शाह, बी पी शर्मा , राजीव गुरुंग, राजन छेत्री, मधुसूदन शर्मा, कर्नल विक्रम सिंह थापा, कर्नल डीएस. खड़का, के. आरएस थापा, पूर्व राज्यमंत्री ले. टीडी भूटिया, प. रामप्रसाद उपाध्याय, बसंत गुरुंग मौजूद रहे





