
कोटद्वार। अंकिता हत्याकांड के तीनों आरोपियों के नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट के मसले पर आज (बृहस्पतिवार) कोर्ट अपना फैसला देगी। मंगलवार को अदालत में इस मामले में बचाव और अभियोजन पक्ष की बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया था।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पंत ने बताया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी भावना पांडेय की अदालत बृहस्पतिवार दिन में इस मामले में फैसला सुनाएगी। एसआईटी की ओर से बीते नौ दिसंबर को अदालत में अर्जी लगाई गई थी जिसमें तीनों आरोपियों से उनकी सहमति मांगी गई थी।
मंगलवार को गोलमोल जवाब मिलने और इस मामले में बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत अब 5 जनवरी को नार्को टेस्ट कराने अथवा न कराने पर अपना फैसला देगी। अजय पंत ने बताया कि वह इस केस में अभियोजन पक्ष के साथ हैं और अंकिता के पिता की ओर से पैरवी कर रहे हैं।
पौड़ी निवासी अंकिता 18 सितंबर 2022 को लापता हुई। चार दिन बाद पुलिस ने उसकी हत्या का केस दर्ज कर भाजपा नेता और पूर्व राज्यमंत्री विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य, उसके दोस्त सौरभ और अंकित को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान पता चला कि अंकिता पर एक वीआईपी को स्पेशल सर्विस देने के लिए दबाव बनाया गया था। वीआईपी के बारे में और हत्या से जुड़े कुछ सवालों का जवाब जानने के लिए एसआईटी ने कोर्ट में तीनों आरोपियों का नार्को और पॉलीग्राफिक टेस्ट कराने की अनुमति के लिए अर्जी दी।
पहली सुनवाई में पुलकित और सौरभ ने सहमति प्रदान की जबकि अंकित ने दस दिन का वक्त मांगा। दस दिन बाद हुई अगली सुनवाई में तीनों ने नार्को टेस्ट से इनकार कर दिया। पुलकित और सौरभ ने पूर्व में दी सहमति का पत्र वापस ले लिया। 06 दिसंबर 2022 को हत्याकांड से जु़ड़े वीआईपी का नाम जानने के लिए एसआईटी ने कोर्ट में आरोपियों का नार्को टेस्ट कराने की याचिका दायर की।
12 दिसंबर 2022 को तीन आरोपियों में से पुलकित और सौरभ ने जेलर के माध्यम से नार्को टेस्क के लिए सहमति जताई जबकि अंकित ने वक्त मांगा। 22 दिसंबर 2022 को तीनों आरोपियों ने नार्को टेस्ट से इनकार कर दिया। पुलकित और सौरभ ने पूर्व में वकील के जरिए दिया सहमति पत्र वापस ले लिया.


