
देहरादून, आज शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में प्रथम अंतराष्ट्रीय सम्मेलन ऑन एडवांसेज इन एप्लाइड साइंसेस एवं टेक्नोलॉजी का आयोजन हुआ। उदघाटन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो० डॉ० दुर्गेश पंत, विशिष्ट अतिथियो में भारत सरकार के सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के संयुक्त निदेशक श्री योगेश शर्मा, उत्तराखण्ड सरकार के सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के संयुक्त निदेशक श्री सुनील नेवाड़ और शिवालिक कॉलेज के सीईओ प्रोफेसर डॉ० यू सी गुप्ता जी के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विज्ञान इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी की उन्नत सीमाओं को उजागर करके वैज्ञानिक प्रतिभा को पोषित करना है।
इस अवसर पर यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो० डॉ० दुर्गेश पंत जी के द्वारा उच्च शिक्षा जगत में हो रहे बदलावों के अनुसार सभी को कार्य करने पर जोर दिया। और ऐसे मंचों के माध्यम से देश विदेश के शोधार्थियों शिक्षाविदों विषय विशेषज्ञों और उद्योग जगत के पेशेवरों को अनुपयुक्त विज्ञान बुद्धिमान उपकरणों नवीनीकरण ऊर्जा और स्थाई प्रौद्योगिकी में प्रगति पर चर्चा करने के लिए एक साथ लाता है। उन्होंने अपने संबोधन में सभी आगंतुकों का इस मंच के माध्यम से स्वागत करते हुए अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। आप लोगों के साथ और मीडिया के साथ अपने अनुभवों को साझा करने का अवसर प्राप्त हुआ है, मैं सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि सन् 2047 तक विकसित भारत के गवाह बनने के साथ एक अच्छे राष्ट्र, जिसके अपने नवाचार होंगे। और ग्रामीण क्षेत्रों का विकास करने में हम सभी अपने अपने दायित्व का निर्वहन करें ताकि हम एक समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में कुशल भूमिका निभा सकते हैं।
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उत्तराखंड सरकार के सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के संयुक्त निदेशक श्री सुनील नेवाड़ ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के मंच नवाचार के लिए गेटवे का काम करता है। और नवाचारों के लिए भारत सरकार के द्वारा 15 लाख तक देने की बात कही है, जिससे छात्रों, शोधार्थियों शिक्षाविदों और शिक्षा जगत से संबंधित व्यक्ति अपना अमूल्य योगदान दे सके।
कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर डॉ० यू सी गुप्ता जी के द्वारा इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रतिभाग होने वाले प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शामिल सभी आगंतुकों का स्वागत किया। इस सम्मेलन में लगभग दो सौ से अधिक रिसर्च पेपर प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 75 रिसर्च पेपर को सम्मिलित किया गया।
दो दिन तक चलने वाले अंतराष्ट्रीय सम्मेलन में देश विदेश से प्रतिभाग करने वाले देशों में मलेशिया, थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया, मिश्र, बांग्लादेश के अलावा भारत के विभिन्न राज्यों में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, तमिलनाडु, उड़ीसा, हिमांचल प्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, पांडिचेरी, जम्मू कश्मीर, कर्नाटक और मध्य प्रदेश आदि के शोधार्थियों ने अपने अपने पेपर प्रस्तुत किए। इसी क्रम में
कॉलेज के फार्मेसी विभाग के प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ श्यानतन मुखोपाध्याय ने भौतिकी, गणित को प्रकृति की भाषा माना है। और टेक्नोलॉजी का उपयोग मानव जीवन के कल्याण के लिए होना चाहिए न कि विनाश के लिए।
इस अवसर पर कॉलेज के आईक्यूएसी के डायरेक्टर डॉ सुरमधुर पंत, डीन रिसर्च प्रोफेसर डॉ संतोष जोशी, डीन एडमिन प्रोफेसर डॉ आर के महलावर, रजिस्ट्रार श्री राकेश भंडारी के अलावा विभिन्न विभागों के डीन, विभागाध्यक्षों के साथ छात्रों, शिक्षकों और मीडिया कर्मचारी श्री रवि अरोड़ा, अमर उजाला पटेलनगर से श्री करन दयाल, जी न्यूज चैनल से मुजामिल, कॉलेज के मीडिया प्रभारी डी एन जोशी आदि मौजूद रहे।

