


बागेश्वर, पौड़ी, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और टिहरी पर विशेष फोकस, स्वरोजगार योजनाओं के लाभार्थियों को प्राथमिकता देने के निर्देश
CM ने बैंकों को दिए ऋण वितरण बढ़ाने के निर्देश, कम ऋण-जमा अनुपात वाले जिलों में लगेंगे विशेष शिविर
देहरादून, 9 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में बैंकिंग सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाने के लिए कम ऋण-जमा (सीडी) अनुपात वाले जनपदों में नियमित ऋण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और बैंक आमजन, किसानों, युवाओं, महिलाओं तथा उद्यमियों तक ऋण की आसान पहुंच सुनिश्चित करें।

गुरुवार को सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 97वीं बैठक में मुख्यमंत्री ने बैंकिंग सेवाओं, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन तथा विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने बागेश्वर, पौड़ी, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और टिहरी जनपदों में कम ऋण-जमा अनुपात पर चिंता जताते हुए जिला प्रशासन, लीड बैंक और संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से पात्र लाभार्थियों की पहचान कर समय पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही राज्य के ऋण-जमा अनुपात को राष्ट्रीय औसत तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ कार्य करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी पात्र व्यक्ति का आवेदन केवल तकनीकी कारणों से निरस्त न किया जाए। यदि आवेदन में कोई कमी हो तो संबंधित व्यक्ति का मार्गदर्शन कर उसे दूर कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में वार्षिक ऋण योजना के तहत लगभग 96 प्रतिशत तथा एमएसएमई क्षेत्र में 111 प्रतिशत उपलब्धि राज्य की बेहतर आर्थिक प्रगति का संकेत है। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना-2.0, वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना, होम-स्टे योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, पर्यटन और स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्यमों को बैंकिंग सहयोग बढ़ाने पर भी बल दिया।
मुख्यमंत्री ने डिजिटल बैंकिंग और डिजिटल भुगतान को गांव-गांव तक पहुंचाने तथा वित्तीय समावेशन को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सरकार और बैंक मिलकर कार्य करेंगे तो रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता को नई गति मिलेगी तथा विकसित उत्तराखण्ड के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए हेल्पलाइन 1930 से भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधियों को जोड़ने का सुझाव दिया, ताकि साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने एसएलबीसी बैठक से पहले उप समिति की नियमित बैठक आयोजित करने तथा स्वरोजगार, लघु उद्योग, एमएसएमई और औद्योगिक क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।

