


देहरादून। पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग, पुलिस विभाग के सहयोग से ने नई पहल शुरू करने जा रहा है। इसके तहत सभी प्रमुख तीव्र मोड़ों और चिह्नित ब्लैक स्पाट पर कान्वेक्स मिरर (उत्तल दर्पण) लगाने की तैयारी है। इससे चालकों को मोड़ के दूसरी ओर से आने वाले वाहनों की पहले ही जानकारी मिल सकेगी और आमने-सामने की टक्कर की आशंका काफी हद तक कम होगी।
प्रदेश के पर्वतीय मार्गों पर कई स्थान ऐसे हैं जहां तीखे मोड़ों के कारण दृश्यता बेहद सीमित रहती है। ऐसे स्थानों पर चालक सामने से आ रहे वाहन को समय रहते नहीं देख पाते, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे स्थानों पर कान्वेक्स मिरर लगाए जाने से चालक मोड़ से पहले ही सड़क की दूसरी दिशा का दृश्य देख सकेंगे और सावधानी के साथ वाहन चला सकेंगे।
पुलिस व परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा के दृष्टिकोण से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और ब्लैक स्पाट्स का चिह्नीकरण किया है। इन स्थानों पर कान्वेक्स मिरर स्थापित करने के साथ अन्य सुरक्षा उपायों को भी मजबूत किया जाएगा। यह व्यवस्था विशेष रूप से पर्वतीय जिलों में वाहन चालकों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी।
प्रदेश में इस समय मैदानी जिलों के कई स्थानों पर यह कान्वेक्स मिरर लगे हुए हैं। और यह कम दृश्यता वाले मोड़ों पर दुर्घटनाओं को कम करने में प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं। इनकी सहायता से वाहन चालक सामने की गतिविधियों का बेहतर आकलन कर पाते हैं, जिससे ओवरटेकिंग और तेज गति से मोड़ काटने जैसी जोखिमपूर्ण स्थितियों में कमी आती है।
अपर परिवहन आयुक्त एसके सिंह का कहना है कि इसके लिए पुलिस विभाग ने हर जिले में कुछ स्थानों को चिह्नित किया है। इसके लिए सड़क सुरक्षा कोष से बजट की मांग की गई है।

