



स्वर्ण एवं रजत ब्रह्मकमल सम्मान से नवाजे जाएंगे फिल्म जगत से जुड़े कलाकार और तकनीशियन, विभिन्न श्रेणियों में निर्धारित की गई पुरस्कार राशि
देहरादून। उत्तराखण्ड सरकार प्रदेश में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने और स्थानीय कलाकारों को बेहतर मंच उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में राज्य की समृद्ध लोकसंस्कृति, क्षेत्रीय भाषाओं, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से क्षेत्रीय फिल्मों एवं उनसे जुड़े कलाकारों को सम्मानित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड की अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है। प्रदेश में क्षेत्रीय फिल्मों और स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन मिलने से यहां की प्रतिभाओं को अपनी कला और हुनर प्रदर्शित करने के नए अवसर मिलेंगे। इससे राज्य की लोकसंस्कृति, भाषा और परंपराओं को भी व्यापक पहचान मिलेगी।
सर्वश्रेष्ठ फिल्म को 2 लाख रुपये की पुरस्कार राशि
निर्धारित पुरस्कारों के तहत सर्वश्रेष्ठ फिल्म को 2 लाख रुपये और सर्वश्रेष्ठ निर्देशक को 1.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। वहीं, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, अभिनेत्री, पटकथा लेखक, सहायक अभिनेता, सहायक अभिनेत्री, गायक और सिनेमेटोग्राफर को 1-1 लाख रुपये से सम्मानित किया जाएगा।
पुरस्कार स्वरूप निर्माता-निर्देशक को स्वर्ण ब्रह्मकमल के साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा, जबकि अन्य कलाकारों एवं तकनीशियनों को रजत ब्रह्मकमल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
इन पुरस्कारों के लिए विजेताओं का चयन निर्णायक मंडल की संस्तुति के आधार पर किया गया है। सरकार का मानना है कि इस पहल से उत्तराखण्ड के क्षेत्रीय सिनेमा को नई दिशा मिलेगी और स्थानीय फिल्म उद्योग को मजबूती मिलने के साथ ही प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
