



सेलाकुई, देहरादून। सिख धर्म के चौथे गुरु, श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर सेलाकुई स्थित गुरुद्वारा धन-धन श्री गुरु रामदास जी में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ गुरु पर्व मनाया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारा साहिब में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया तथा गुरु का अटूट लंगर चलाया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सेवा की।
इस दौरान मनप्रीत परिवार की ओर से गुरु के लंगर की सेवा निभाई गई। श्रद्धालुओं ने गुरु घर में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा सेवा, समर्पण और मानवता का संदेश दिया। रक्तदान शिविर के माध्यम से लोगों को जरूरतमंदों की सहायता करने और रक्तदान के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया गया।
श्री गुरु रामदास जी का जन्म वर्ष 1474 में चूना मंडी, लाहौर (वर्तमान पाकिस्तान) में माता दया कौर जी और पिता श्री हरिदास जी के घर हुआ था। बचपन में उनका नाम भाई जेठा जी था। उन्होंने अपने जीवन में सेवा, विनम्रता, भाईचारे और मानवता की भावना को सर्वोपरि रखा।
गुरु पर्व के इस पावन अवसर पर गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धा और सेवा का माहौल रहा। संगत ने गुरु महाराज के बताए मार्ग पर चलने तथा समाज में प्रेम, एकता और भाईचारे को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
