
भू-वैकुंठ बदरीनाथ धाम के कपाट पुनर्वसु नक्षत्र व सर्वार्थ सिद्धि योग में आज गुरुवार सुबह 6:15 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। इसी के साथ चारधाम यात्रा ने पूर्णता प्राप्त कर ली।
बुधवार सुबह पांडुकेश्वर स्थित योग-ध्यान बदरी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद तेल कलश यात्रा और देव डोलियां धाम के लिए रवाना हुईं। यात्रा मार्ग में पड़ने वाले प्रमुख पड़ावों पर स्थानीय निवासियों व श्रद्धालुओं ने डोली यात्रा का स्वागत किया। कुबेरजी के विग्रह को बामणी गांव स्थित नंदा देवी मंदिर और उद्धवजी के विग्रह को रावल निवास पर रात्रि भोग लगाया गया।
इस मौके पर मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, सदस्य धीरज मौनू पंचभैया, नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी, श्री बदरीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, उपाध्यक्ष भास्कर डिमरी, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, धर्माधिकारी स्वयंवर सेमवाल, वेदपाठी आचार्य रविंद्र भट्ट, पंडित मोहित सती, देवी प्रसाद देवली, कुबेर देवरा समिति पदाधिकारी गण, प्रशासनिक अधिकारी विवेक थपलियाल, लेखाकार भूपेंद्र रावत, संदेश मेहता, पुजारी हनुमान प्रसाद डिमरी, विकास सनवाल आदि मौजूद रहे।

