



विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान से संबद्ध स्थानीय विद्यालय में आज ‘सामूहिक वंदे मातरम्’ कार्यक्रम का अत्यंत भव्य और गरिमापूर्ण आयोजन किया गया। देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत इस कार्यक्रम में विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं, आचार्य दीदी-भैयाओं, प्रबंध समिति के पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन के साथ हुआ। इसके पश्चात, एक ही समय पर सभी विद्यार्थियों और उपस्थित जनसमूह ने अत्यंत सुरीले और अनुशासित ढंग से राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गान किया। इस दौरान पूरा परिसर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के गगनभेदी नारों से गुंजायमान हो उठा। विद्यार्थियों ने साँस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। लगभग 915 लोगों द्वारा वन्देमातरम का सामुहिक गान किया गया
विद्यालय के प्रधानाचार्य नवीन चंद्र शर्मा कार्यक्रम के संयोजक रहे। मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में सुशांत बिश्नोई जी ने वन्देमातरम गीत का महत्व बताया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि हमारे स्वतंत्रता संग्राम का मूल मंत्र और राष्ट्रभक्ति की जीती-जागती प्रेरणा है। ऐसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी में राष्ट्रीय चेतना, एकता और देश के प्रति समर्पण की भावना को सुदृढ़ करना है। कार्यक्रम के सत्यापन अधिकारी रिटायर्ड बैंक अधिकारी सत्यप्रकाश शर्मा रहे तथा सुरेंद्र कुमार जी कार्यक्रम के साक्षी के रूप में अधिकृत रहे। कार्यक्रम अध्यक्ष राजीव कुमार कौशिक ने
कार्यक्रम का समापन किया l अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य ने आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया ।
