


उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के *प्रदेश उपाध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष आर्येंद्र शर्मा* ने आज देहरादून के जिलाधिकारी से मुलाकात कर सहसपुर विधानसभा क्षेत्र में चल रही *विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)* प्रक्रिया के दौरान *फॉर्म-7 के संभावित दुरुपयोग* को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
आर्येंद्र शर्मा ने कहा कि पार्टी के *Booth Level Agents (BLA एवं BLA-2)* से प्राप्त शिकायतों के आधार पर यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि बड़ी संख्या में फॉर्म-7 के माध्यम से पात्र मतदाताओं के नाम हटाने के प्रयास किए जा सकते हैं। यदि दावों एवं आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं रही, तो वास्तविक मतदाताओं के संवैधानिक मताधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि SIR के दौरान प्राप्त सभी *फॉर्म-7 आवेदनों की दैनिक सूची सार्वजनिक की जाए*, प्रत्येक आवेदन पर संबंधित मतदाता को विधिवत नोटिस एवं सुनवाई का अवसर दिया जाए, फील्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराया जाए तथा किसी भी प्रकार के संगठित या संदिग्ध फॉर्म-7 आवेदनों की स्वतंत्र जांच कर दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आर्येंद्र शर्मा ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना भी लोकतंत्र की मूल भावना है। उन्होंने निर्वाचन अधिकारियों से SIR प्रक्रिया को पूर्णतः *निष्पक्ष, पारदर्शी और विधिसम्मत* तरीके से संपन्न कराने हेतु आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया।

