


रुद्रप्रयाग, 24 अगस्त 2026। प्रोजेक्ट स्नेह के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज लामगौंडी, विकासखंड ऊखीमठ में अध्ययनरत बालिकाओं के विकास, सशक्तिकरण एवं उनके सुरक्षित भविष्य को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में छात्राओं को Project SNEH (Safety, Nurturing, Empower, Help) के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यक्तिगत सुरक्षा एवं कानूनी अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
कार्यशाला में जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. दीपा तिलारा बिष्ट, महिला उपनिरीक्षक कोतवाली ऊखीमठ सुश्री पूजा रावत, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुप्तकाशी की डॉ. श्रेया थपलियाल, जिला प्रोबेशन कार्यालय रुद्रप्रयाग की संरक्षण अधिकारी श्रीमती रोशनी रावत तथा जिला पंचायत रुद्रप्रयाग की कार्याधिकारी सुश्री प्राची रावत उपस्थित रहीं।
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने छात्राओं से संवाद करते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी साझा की।
शिक्षा पर दिया गया जोर
छात्राओं को शिक्षा के महत्व, उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित कर सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
स्वास्थ्य एवं किशोरावस्था संबंधी जानकारी
छात्राओं को बताया गया कि स्वस्थ रहना केवल बीमारी से मुक्त होना नहीं है, बल्कि संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद एवं स्वच्छ आदतें भी अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता एवं सैनिटरी पैड के सही उपयोग तथा उसके बाद उचित निस्तारण की जानकारी दी गई।
इसके साथ ही हार्मोनल बदलाव, एनीमिया, मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन, अत्यधिक गुस्सा, पढ़ाई में रुचि कम होना आदि किशोरावस्था से जुड़ी समस्याओं के बारे में भी छात्राओं को जागरूक किया गया। मानसिक परेशानी होने पर अभिभावकों तथा विशेषज्ञों से सलाह लेने के लिए प्रेरित किया गया।
किशोरियों की सुरक्षा और कानूनी अधिकार
कार्यशाला में छात्राओं को POCSO Act के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा, आत्मविश्वास, अपने अधिकारों तथा संकट की स्थिति में सही कदम उठाने के बारे में जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का यौन शोषण कानूनन अपराध है तथा ऐसी स्थिति में विश्वसनीय वयस्क एवं पुलिस को सूचना देना आवश्यक है।
बाल विवाह के प्रति जागरूकता
छात्राओं को बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, शारीरिक एवं मानसिक नुकसान, कानूनी प्रावधानों तथा उनके शिक्षा और भविष्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों की जानकारी दी गई। बाल विवाह जैसी कुप्रथा के प्रति जागरूक रहते हुए अपने अधिकारों की रक्षा करने का संदेश दिया गया।
साइबर सुरक्षा की जानकारी
वर्तमान डिजिटल युग को देखते हुए छात्राओं को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी प्रोफाइल एवं ब्लैकमेल जैसी साइबर घटनाओं के प्रति सतर्क किया गया। सोशल मीडिया का सही एवं सुरक्षित उपयोग करने, ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई के लिए नई जानकारी प्राप्त करने तथा अपनी प्रतिभा को सकारात्मक तरीके से प्रदर्शित करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यशाला में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए विभिन्न विषयों पर अपनी समस्याएं एवं जिज्ञासाएं विशेषज्ञों के सामने रखीं। विशेषज्ञों द्वारा छात्राओं के प्रश्नों का धैर्यपूर्वक एवं संतोषजनक उत्तर दिया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को शिक्षित, स्वस्थ, आत्मनिर्भर एवं सुरक्षित बनाते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में जागरूक करना रहा।
