



शिवालिक एकेडमी में 24 अक्टूबर 2026 को वार्षिकोत्सव ‘जागृति – द अवेकनिंग 2026’ का आयोजन हर्षोल्लास और भव्यता के साथ किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम ‘दशावतार — युगों से मिला उत्तर’ रही, जिसमें भारतीय संस्कृति, पौराणिक कथाओं और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ क्लिनिकल मनोवैज्ञानिक एवं सांख्ययोग फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. मुकुल शर्मा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में सी.बी.एस.ई के पूर्व संयुक्त सचिव एवं जी.एम.वी.एन के निदेशक डॉ. रणबीर सिंह विभिन्न सहोदय स्कूलों के प्रधानाचार्य तथा सभी सम्मानित अतिथिजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि मैं लगभग 15 00 स्कूलों के कार्यक्रम में गया हूं लेकिन ऐसा कार्यक्रम मैंने अभी तक अपनी जिंदगी में कहीं नहीं देखा मुख्य अतिथि नै सोमदत्त त्यागी एवं शिवम त्यागी और त्यागी परिवार की भूरि भूरि प्रशंसा की उन्होंने यह भी कहा कि इस स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चे देश के कोने-कोने में अपना एवं अपने परिवार सहित स्कूल का नाम रोशन कर रहे हैं
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत गीत एवं भगवान विष्णु की वंदना से हुआ। विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने समारोह में उत्साह और भक्तिमय वातावरण का संचार किया। नन्हे-मुन्ने बच्चों के कार्निवल, टॉल मैन और चाइनीज लायन की प्रस्तुतियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। बच्चों की रंग-बिरंगी वेशभूषा, सुंदर मंच सज्जा और शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
वार्षिकोत्सव की मुख्य प्रस्तुति ‘दशावतार — युगों से मिला उत्तर’ में भगवान विष्णु के दस अवतारों के माध्यम से विभिन्न युगों की कथाओं को आज के समाज से जोड़कर प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने मत्स्य, कूर्म, वराह, नरसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध और कल्कि अवतारों के माध्यम से धर्म, सत्य, न्याय, प्रेम, करुणा और कर्तव्य का संदेश दिया। प्रस्तुति की विशेषता यह रही कि इसमें गढ़वाली संस्कृति, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक विषयों को भी शामिल किया गया।
विद्यार्थियों ने अपने अभिनय और नृत्य के माध्यम से समाज की विभिन्न परिस्थितियों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया। कहीं सत्ता और स्वार्थ की होड़, कहीं रिश्तों में कम होती संवेदनाएँ, तो कहीं अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष करते लोगों की भावनाओं को मंच पर जीवंत किया गया। इन दृश्यों ने दर्शकों को यह सोचने पर प्रेरित किया कि आधुनिकता और सुविधाओं की दौड़ में कहीं मानवीय मूल्य पीछे तो नहीं छूट रहे हैं।
प्रस्तुति में यह संदेश दिया गया कि जिस धरती की रक्षा के लिए भगवान ने वराह अवतार लिया, उसकी सुरक्षा करना आज प्रत्येक मनुष्य का कर्तव्य है। जिस अन्याय के अंत के लिए विभिन्न अवतारों ने मार्ग दिखाया, उसके विरुद्ध आवाज उठाना आज समाज की जिम्मेदारी है। भगवान राम के जीवन से मर्यादा और कर्तव्य, श्रीकृष्ण से प्रेम एवं संबंधों की महत्ता तथा भगवान बुद्ध से शांति और करुणा की प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया।
‘दशावतार — युगों से मिला उत्तर’ के माध्यम से यह भी दर्शाया गया कि भगवान के अवतारों की महिमा केवल उनकी कथाओं में नहीं, बल्कि उन आदर्शों में है जिन्हें वे मानवता के लिए छोड़ गए। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने व्यवहार में सत्य, संवेदनशीलता और न्याय को स्थान दे, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। इस प्रस्तुति ने दर्शकों के सामने यह विचार रखा कि जिस बदलाव की अपेक्षा हम संसार से करते हैं, उसकी शुरुआत स्वयं से करना आवश्यक है।
कार्यक्रम में प्रयोग किए गए विभिन्न प्रॉप्स, उनकी आकर्षक बनावट और रचनात्मक उपयोग की अतिथियों एवं दर्शकों ने जमकर सराहना की। विषय के अनुरूप तैयार किए गए प्रॉप्स और मंच सज्जा ने प्रत्येक दृश्य को अधिक प्रभावशाली एवं जीवंत बनाया। विद्यार्थियों की मेहनत, कल्पनाशीलता और शानदार तालमेल ने पूरी प्रस्तुति को यादगार बना दिया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, सांस्कृतिक गतिविधियों और विद्यार्थियों की सफलताओं पर प्रकाश डाला। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया। हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों जिसमें कृष्णा नैनवाल तथा सृष्टि गुप्ता को भी सम्मानित किया गया। विद्यालय की छात्रा जहान्वी पुंडीर को प्रतिष्ठित के.जी.एस. मेमोरियल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
विद्यालय के चेयरमैन श्री सोमदत्त त्यागी जी एवं डायरेक्टर श्री शिवम त्यागी जी के अथक प्रयासों, दूरदर्शी नेतृत्व और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति समर्पण का ही परिणाम है कि आज शिवालिक एकेडमी के विद्यार्थी शिक्षा, खेल, कला, संस्कृति एवं अन्य विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर सफलता प्राप्त कर रहे हैं और अपनी प्रतिभा से विद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने, नए अवसरों को पहचानने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रोत्साहन मिल रहा है। विद्यालय में शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ सांस्कृतिक, रचनात्मक एवं व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो रहा है। यही सामूहिक प्रयास और सकारात्मक दृष्टिकोण विद्यार्थियों को निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर कर रहा है।
कार्यक्रम की सफलता पर प्रधानाचार्या ने सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षिकाओं की मेहनत, लगन और सहयोग के लिए उनका विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कला शिक्षिका श्रीमती मीनाक्षी वर्मा एवं उनकी पूरी टीम के योगदान की विशेष सराहना की। साथ ही कार्यक्रम को आकर्षक और यादगार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कोरियोग्राफर श्री शिवम लोधी, श्री रोनिक और श्री अमित के प्रति भी विशेष धन्यवाद प्रकट किया। सभी के सामूहिक प्रयासों, रचनात्मकता और टीम भावना ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शिवालिक एकेडमी का वार्षिकोत्सव विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता और सामूहिक प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया।
इस कार्यक्रम में विभिन्न सहोदय स्कूलों के प्रधानाचार्य, सम्मानित अतिथि विद्यालय के चेयरमैन श्री सोमदत्त त्यागी जी डायरेक्टर श्री शिवम त्यागी जी, को-ऑर्डिनेटर श्रीमती तान्या त्यागी, शिवांगी त्यागी व समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे।
